🟩 1️⃣ A. Valliammai v. K.P. Murali (2023): Specific Performance और Limitation की शुरुआत कब होती है?
🔹 केस का प्रकार:
यह मामला Specific Performance (निश्चित क्रियान्वयन) से जुड़ा है — यानी जब कोई व्यक्ति किसी अनुबंध (Contract) को पूरा करवाने के लिए कोर्ट में वाद दाखिल करता है।
🔹 मुख्य प्रश्न:
अगर Contract में Performance की कोई तारीख तय नहीं है, तो Limitation Period (समयसीमा) कब से शुरू होगी?
⚖️ सुप्रीम कोर्ट का फैसला:
Court ने कहा कि –
जब तक Performance के लिए कोई तय तारीख नहीं है, Limitation Act, 1963 की Article 54 के अनुसार तीन साल की सीमा तभी शुरू होती है जब Plaintiff को पता चलता है कि Defendent ने Performance से इनकार कर दिया (Notice of Refusal)।
🔹 उदाहरण से समझें:
मान लीजिए, आपने किसी से जमीन बेचने का अनुबंध किया, लेकिन उसमें कोई तारीख नहीं लिखी कि बिक्री कब पूरी होगी।
अगर सामने वाला 2022 में मना कर देता है, तो आपका 3 साल का समय 2022 से शुरू होगा, न कि अनुबंध की तारीख से।
🔹 कानूनी महत्व:
यह फैसला उन सभी मामलों के लिए महत्वपूर्ण है जहाँ अनुबंध में “time not fixed” है।
👉 वादी को यह साबित करना होगा कि मना किए जाने की जानकारी कब मिली।
👉 तभी Limitation शुरू होगी।
📘 संदर्भ:
A. Valliammai v. K.P. Murali, Supreme Court, 12 September 2023
(Interpretation of Article 54, Limitation Act, 1963)
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